28 दिसंबर 2019 - 15:48
प्रतिबंधों और इन्टरनेट शट डाऊन के बावजूद पूरे भारत में देश व्यापी रैलियां, मीडिया पूरी तरह सेंसर

भारत में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरुद्ध देश व्यापी प्रदर्शनों का क्रम जारी है।

भारत की राष्ट्रीय राजधासनी नई दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में जुमे की नमाज़ के बाद मुसलमानों ने विरोध रैली निकाल और सरकार से सीएए और एनआरसी को भी वापस लेने की मांग की।

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में निकाल गये विरोध प्रदर्शनों और रैलियों में दूसरे धर्मों के लोगों ने भी भाग लिया। इसी के साथ जामिया मिल्लिया इस्लामी के सामने भी शुक्रवार को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में धरना दिया गया।

उधर अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में छात्रों ने शुक्रवार को अपने धरना प्रदर्शन में दोपहर दो बजे बाद, भारतीय संविधान का प्रिएम्बल एक साथ पढ़कर संविधान की रक्षा की शपथ ली।

ज्ञात रहे कि अली गढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कैम्पस में पिछले सप्ताह रविवार की रात पुलिस के पाश्विक हमले के बाद विश्वविद्यालय में 5 जनवरी तक छुट्टी की घोषणा कर दी गयी थी किन्तु छात्र कुछ दिन के बाद दोबारा वापस आ गये और धरनों और दिन रात प्रदर्शनों का क्रम दोबारा शुरु कर दिया।

इसी के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल, छत्तीसगढ़, असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रा प्रदेश, केरला और तेलंगाना सहित पूरे भारत में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरुद्ध शुक्रवार को बड़ी बड़ी रैलियां निकाली गयी।

उत्तर प्रदेश के 22 ज़िलों में इन्टरनेट पूरी तरह बंद था। उत्तर प्रदेश में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले फ़ायर किए और इलेक्ट्रानिक बेंत से पुलिस पर हमला किया।

भारतीय मीडिया को पूरी तरह से सेंसर कर दिया गया है जिसकी वजह से प्रदर्शनों को ठीक ढंग से कवरेज नहीं मिल रही है।